क्या आप जानते हैं की फांसी की सजा के बाद पेन की निब क्यों तोड़ी जाती है एवं जल्लाद कैदी के कान में क्या कहता है ?





फांसी की सजा सुनाने के बाद जज साहब पेन का निब तोड़ देते हैं। जाने  ऐसा क्यों किया जाता है साथ ही जाने सजा वाले दिन जल्लाद कैदी के कानों में क्या कहता है? जिस फंदे से कैदी को लटकाया जाता है उसे कौन बनाता है। 

फांसी की सजा से जुड़े कुछ फैक्ट्स - 

क्यों तोड़ी जाती है पेन की निब

भारतीय कानून में फांसी सबसे बड़ी सजा है। संवैधानिक वजह से एक बार फैसला लिख दिए जाने के बाद खुद जज को भी अधिकार नहीं होता है कि वो फैसले को बदल सके। इसके अलावा एक कारण और भी है। माना जाता है कि पेन से किसी की जिंदगी खत्म हुई है इसलिए उसका दोबारा प्रयोग न हो।

जल्लाद कैदी के कान में क्या कहता है

फांसी देते वक्त जल्लाद कैदी के कान में कहता है कि 'मुझे माफ कर दो। मैं हुक्म का गुलाम हूं। मेरा बस चलता तो आपको जीवन देकर सत्य मार्ग पर चलने की कामना करता'।

सुबह होने से पहले क्यों देते हैं फांसी

ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि फांसी की वजह से दूसरे कैदी और काम प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के मुताबिक जिस कैदी को फांसी दी जाती है उसके घरवालों को फांसी की तारीख से 15 दिन पहले खबर देना जरूरी है।

कैदी को जिस फंदे पर लटकाया जाता है वो सिर्फ बिहार के बक्सर जेल में कुछ कैदियों द्वारा तैयार किया जाता है। अंग्रेजों के जमाने से ही ऐसी व्यवस्था चली आ रही है। साथ ही 

आखिरी इच्छा पूछे बगैर किसी कैदी को फांसी नहीं दी जा सकती है।

मनीला रस्सी से फांसी का फंदा बनता है। दरअसल बक्सर जेल में एक मशीन है जिसकी मदद से फांसी का फंदा बनाया जाता है।

 - Bhaskar

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